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🚨 अलवर: सरकारी स्कूल के, बच्चों को पिलाया जा रहा गंदा पानी;

​🚨 अलवर: सरकारी स्कूल की जर्जर छत गिरी, बच्चों को पिलाया जा रहा गंदा पानी;

🚨 अलवर: सरकारी स्कूल के, बच्चों को पिलाया जा रहा गंदा पानी;

🚨 अलवर: सरकारी स्कूल की जर्जर छत गिरी, बच्चों को पिलाया जा रहा गंदा पानी; सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

न्यूज़ बोल्ट डेस्क | थानागाजी (अलवर)

राजस्थान के अलवर जिले से शिक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक दावों की पोल खोलती एक गंभीर खबर सामने आई है। थानागाजी क्षेत्र के जोधावास स्थित सरकारी स्कूल में बीते दिन स्कूल भवन की छत गिर गई। गनीमत रही कि इस दौरान बड़ा हादसा टल गया, लेकिन इस घटना ने सरकारी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

💧 छत गिरने के साथ सामने आई दूषित पानी की हकीकत

छत गिरने की खबर के बाद स्कूल का एक और वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। वीडियो में दिखाया गया है कि स्कूल परिसर में मासूम बच्चों को पीने के लिए मटमैला और दूषित पानी दिया जा रहा है।

वायरल वीडियो में बाल्टी/बर्तन में भरा गंदा पानी साफ देखा जा सकता है, जिसे देखकर अभिभावकों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है।

💥 मुख्य बिंदु (Key Highlights):

मासूमों की सुरक्षा से खिलवाड़: जर्जर भवन के कारण स्कूल की छत ढह गई, जिससे बड़ा हादसा हो सकता था।

स्वास्थ्य पर बड़ा खतरा: भीषण गर्मी के बीच बच्चों को साफ पेयजल की जगह दूषित पानी पीने पर मजबूर होना पड़ रहा है।

सोशल मीडिया पर उठी मांग: घटना का वीडियो वायरल होने के बाद यूजर #SchoolThikKaro अभियान चलाकर नेताओं और प्रशासन से तुरंत एक्शन लेने की मांग कर रहे हैं।

अभिभावकों में गुस्सा: स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन जल्द से जल्द स्कूल भवन की मरम्मत कराए और पीने के पानी की उचित व्यवस्था करे।

💬 प्रशासन और जन-प्रतिनिधियों से सवाल

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही पोस्ट्स में शिक्षा विभाग, स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को टैग कर सवाल पूछे जा रहे हैं कि क्या जिम्मेदार अधिकारी अपने बच्चों को ऐसा पानी पिला सकते हैं? क्षेत्रवासियों ने माँग की है कि आगामी कार्यक्रमों से पहले जनप्रतिनिधि और अधिकारी खुद इस स्कूल का दौरा कर स्थिति का जायजा लें।

⚠️ डिस्क्लेमर (Disclaimer)

अस्वीकरण: यह खबर सोशल मीडिया पर प्रसारित दावों और वायरल वीडियो के आधार पर प्रकाशित की गई है। NewsBolt का उद्देश्य जनहित के मुद्दों को उजागर करना है। मामले में प्रशासनिक कार्रवाई या आधिकारिक बयान आते ही खबर को अपडेट किया जाएगा।

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